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मरगूबपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चारों तरफ उगी बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां,सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे,स्वास्थ्य केन्द्र खुद नजर आ रहा बीमार।
ब्यूरो रिपोर्ट: 24 पब्लिक न्यूज़।
कलियर।सरकारें भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करती हों,लेकिन धरातल पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। इसका जीता-जागता उदाहरण क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) मरगुबपुर दीददाहैडी है,जो इन दिनों खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।मरीजों का इलाज करने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र खुद ‘बीमार’ नजर आ रहा है।चारों तरफ झाड़ियों का साम्राज्य,पनप रहा बीमारियों का खतरा स्वास्थ्य केंद्र परिसर की स्थिति यह हो चुकी है कि मुख्य भवन के चारों ओर बड़ी-बड़ी घास और जंगली झाड़ियां उग आई हैं।अस्पताल परिसर को देखकर ऐसा लगता है जैसे महीनों से यहां कोई साफ-सफाई नहीं की गई हो।मरीजों में डर का माहौल है घनी झाड़ियों के कारण परिसर में जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों का खतरा हर वक्त बना रहता है।इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल के अंदर जाने में भी डर का सामना करना पड़ रहा है।वही स्वास्थ्य केन्द्र के आंगन में उगी लंबी घास की वजह से परिसर में भारी तादाद में मच्छर पनप रहे हैं।जो अस्पताल लोगों को बीमारियों से निजात दिलाने के लिए आते है उन्हें ही यहाँ आकर बीमार होने का खतरा लग रहा है,वही अब स्वास्थ्य केन्द्र डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का केंद्र बनता जा रहा है।स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखाता स्वास्थ्य केंद्र एक तरफ जहां देश भर में स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं,वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे इस केंद्र पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। अस्पताल आने वाले स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सफाई न होने की वजह से यहां का माहौल बेहद निराशाजनक है।जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी इस कोई ध्यान नहीं देते है वही क्षेत्रय लोगो का कहना है कि अस्पताल परिसर की तुरंत साफ-सफाई कराई जाए,ताकि यहां आने वाले मरीजों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन कब तक एक्शन लेता है या फिर मरीज इसी तरह गंदगी और झाड़ियों के बीच इलाज कराने को मजबूर रहेंगे।
